नॉर्मल डिलीवरी के बाद टांकों की देखभाल किस तरह करनी चाहिए? Normal delivery ke bad take ki kis tarh dekhbhal kare




जब आपको नॉर्मल डिलीवरी (प्राकृतिक प्रसव) के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलेगी, तो आपको निम्नांकित बातें बताई जाएंगी:
अपने टांकों को साफ रखें
पेशाब या मल त्याग के समय टांकों पर जोर न डालें
जांघों को चौड़ा करके न बैठें

डॉक्टर आपको शुरुआती कुछ दिनों तक कोई भी काम करने या सामान उठाने से मना करेंगी, क्योंकि इससे आपके टांकों पर जोर पड़ सकता है। पूरी तरह ठीक होने के लिए बेहतर है कि आप सक्रिय रहें और चलती-फिरती रहें, मगर साथ ही आप पर्याप्त आराम भी करें।

अपने टांकों को ठीक होने और सूजन व दर्द कम करने के लिए आप नीचे दिए गए कुछ उपाय अपना सकती हैं, जैसे कि:
यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने टांकों को साफ रखें। स्वच्छता रखने से संक्रमण होने का खतरा कम रहता है। अपने सैनिटरी पैड बार-बार बदलती रहें, और बदलने से पहले और बाद में हाथ अवश्य धोएं।
जब भी आप शौचालय जाएं, तो एक मग में गुनगुना पानी लेकर उसमें डॉक्टर द्वारा बताया गया थोड़ा सा एंटिसेप्टिक मिला लें। शौच की सीट पर बैठे हुए ही यह पानी धीरे-धीरे अपने टांकों पर डालें।
आप दिन में एक या दो बार हल्के गर्म पानी के टब में एंटिसेप्टिक मिलाकर थोड़े समय के लिए बैठ सकती हैं। गर्म पानी टांके लगे क्षेत्र में राहत पहुंचाएगा और सूजन में आराम देगा। एंटिसेप्टिक कीटाणुओं और संक्रमणों को दूर रखने में मदद करेगा। टब से बाहर निकलने के बाद टांके लगे क्षेत्र को थपथपाते हुए पौंछ दें। टांके जितने ज्यादा सूखे रहेंगे, उतने ज्यादा जल्दी ठीक होंगे।
 रोजाना नहाने करने से आपके टांके साफ रहेंगे। हल्का गर्म पानी दर्द में राहत देने और सूजन को कम करने में मदद करता है।
अपनी श्रोणि मांसपेशियों के व्यायाम करना याद रखें। शिशु के जन्म के बाद जितना जल्द हो सके, इन्हें शुरु करें और इन्हें करना जारी रखें। व्यायाम से इस क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बढ़ेगा और यह जल्दी ठीक होगा। रोजाना दिन भर में कम से कम व्यायाम के चार सेट करने की कोशिश करें।
पहले कुछ बार मल त्याग के समय साफ टॉयलेट पेपर का एक छोटा सा गट्ठा बनाकर अपने पेरिनियम क्षेत्र पर लगा कर रखें। ये आपके टांकों का बचाव करेगा और आपको ऐसा भी नहीं लगेगा की टांके फटने वाले हैं (हालांकि, ऐसा होता नहीं है)। अगर आपको कब्ज है, तो मल को नरम करने के लिए अपनी डॉक्टर से हल्का रेचक (लैक्जेटिव) के बारे में पूछें।
अधिकांश माँओं के टांके अच्छे तरीके से ठीक हो जाते हैं। खरोंचे आमतौर पर कुछ ही दिनों में बेहतर हो जाती हैं और टाकें भी शिशु के जन्म के तीन से चार हफ्तों बाद ठीक हो जाते हैं। शिशु के जन्म के दो माह बाद आपको दर्द मुक्त हो जाना चाहिए।

अगर, जरुरत लगे, तो आप दर्द निवारक दवाई ले सकती हैं। अगर, आपके टांकों में ज्यादा दर्द होने लगे या फिर इनमें से दुर्गंध आए, तो तुरंत अपनी डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसा संक्रमण की वजह से हो सकता है।

ध्यान रखें कि चाहे आपका पेरिनियम क्षेत्र ज्यादा ही क्यों न फटा हो, मगर शिशु के जन्म के एक साल के अंदर आपको कोई समस्या होने की संभावना कम है।