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सरोगेसी एक प्रकार से किराये की कोख होती है , जिसमे एक एंग्रीमेंट शामिल किया जाता है। जो की निःसंतान दंपति और एक महिला के बीच में होता है । जिससे निःसंतान दंपति को संतान का सुख प्राप्त होता है।

मूल रूप से सरोगेसी 9 महीने तक की होती है , जिसमे एक महिला अपने गर्भ में 9 महीनो तक एक शिशु को रखती है । साथ ही यह तकनीक उन निसंतान दंपतियों को पूर्ण करने का काम करती है।

सरोगेसी में आता है कितना खर्चा?

अगर हम बात करे सरोगेसी में होने वाले खर्च की , तो पाएगे की इसका खर्च मूल रूप से 7 से 8 लाख रुपए तक आता है , जिसमे एक सरोगेसी माँ का इलाज ,रहना ,खाना शामिल है और साथ ही  शामिल है कमीशनिंग । जो की पेरेंट्स देते है ।

भारत में सरोगेसी के कानून | Indian Law on Surrogacy in Hindi

 सरोगेसी एक प्रकार से एक कानूनी विधि है , जिसमे एक महिला और  निसंतान दंपति का कानूनी एग्रीमेंट होता है ।
सरोगेसी का प्रयोग मूल रूप से निसंतान दंपति और उनके आईवीएफ पद्धति के फ़ैल होने से होता  है ।
अगर किसी दंपति को सरोगेसी करवानी पड़ती है , तो उस दंपति को किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल से एक स्वस्थ महिला चयन करना होता है
इस ड्राफ्ट में यह भी सुनिश्चित किया जाता है , की एक स्वस्थ महिला के शरीर में  पुरूष के स्पर्म्स को कैसे इंजेक्ट किया जाता है और उसके बाद किस प्रकार एक महिला को 9 महीनों तक  डॉक्टरों की देखरेख रखा जाता है


नवजाद शिशु के जन्म के उपरांत एक अस्पताल  निसंतान दंपति को नवजाद शिशु सौंप देता है , साथ ही सरोगेसी माँ को एक निश्चित रकम  दे दी जाती है ।

कुछ समय पहले सरोगेसी  का बिल सनन 2016 संशोधित कर सनन 2018 को लाया गया है।  जिसमे में शामिल है , की सरोगेसी माँ केवल और केवल जीवन में एक बार ही माँ बन सकती है। 
अगर कुछ होमोसेक्शुअल है , तो वह कभी इस सरोगेसी पद्धति दवारा कभी माँ नहीं बन सकते।
अगर हम  सरोगेसी पद्धति के बारे में बात करे , तो पाएगे की यह पद्धति सबसे पहले  पश्चिम देशों में आई थी । और फिर धीरे -2 भारत में आ गई ।
अगर हम बात करे निसंतान दंपति माता-पिता और सरोगेसी माँ की , तो पाएगे की निसंतान दंपति माता-पिता  को संतुष्टि मिलती है , लेकिन सरोगेसी माँ को आर्थिक रूप से फायदा होता है।

किस-किस तरह की होती है Surrogacy?

1. ट्रेडिशनल सरोगेसी

अगर हम बात करे , ट्रेडिशनल सरोगेसी की , तो पाएगे की पहले किसी एक पुरुष के शुक्राणुओं और फिर एक महिला के अंडो को जोड़ा जाता है , इसी प्रक्रिया को ट्रेडिशनल सरोगेसी कहते है । इसके साथ ही इस प्रक्रिया में केवल और केवल पिता के ही शुक्राणुओं को ही मिलाया जाता है।

2. जेस्टेंशनल सरोगेसी 

अगर हम बात करे जेस्टेंशनल सरोगेसी तो पता चलता है , की इस सरोगेसी में परखनलीपद्धति दवारा  ही महिला -पुरुष के अंडाणु व शुक्राणुओं के मिलान से होता है , जिसे एक बच्चे का जन्म होता है। साथ ही इस प्रक्रिया में दोनों माता -पिता का योगदान होता है । इसी को ही जेस्टेंशनल सरोगेसी कहते है।

सरोगेसी कुछ महत्वपूर्ण बातें | Facts about Surrogacy in Hindi

अगर हम बात करे भारत में सरोगेसी की , तो पता चलता है , की  अन्य सभी के देशो के मुकाबले भारत में इसका ख़र्च काफी कम है। साथ ही भारत में सरोगेसी महिलाएं काफी तादाद में है ।
 इस पद्धति में सरोगेट माँ का शुरुआत से लेकर माँ बनने तक ध्यान रखना होता है।
अगर हम बात करे सेरोगेसी के प्रयोगो की तो जाने में आएगा की इस प्रयोग से भारत में ही नहीं, बल्कि  विदेशी भी इन प्रयोगो को भारत में आकर करवाते है 
कभी – कभार सेरोगेसी के कुछ केसेस में थोड़ी सी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन ये समस्याएं भी भारतीय कानूनों के  दवारा सुलझा लिये जाते है
एक अध्ययन के अनुसार सेरोगेसी के मामले पूरे विश्व में सबसे ज्यादा भारत में दिखाई देते है। एक अनुमान के मुताबिक अगर पूरे विश्व में सेरोगेसी के मामले  600 है , तो उन में 50 प्रतिशत (300 ) अकेले भारत में है अगर हम बात करे भारत में सेरोगेसी की , तो पता चलता है ,की गुजरात तथा मुंबई और अन्य प्रदेशो में यह  सुविधा उपलबध है। अत : यह कह जा सकता है ,की चूंकि भारत सेरोगेसी के लिए काफी कम खर्च वाली जगह है । तो इसलिए भी विदेशी लोग भारत आते है । सेरोगेसी के उपयोग के लिए 
अगर हम बात करे सरोगेसी से लाभ की , तो पाएगे की एक महिला और दंपति के बीच आमतौर पर एक एग्रीमेंट होता है ,जिसे  एक महिला और दंपति दोनों के बीच एक क़ानूनी समझौता हो जाता है। 

निष्कर्ष 

अगर हम बात करे भारतीय संस्कृति की तो पाएगे की , भारतीय संस्कृति में हजारो व लाखो सालो से चले आ रही गोद की प्रथा है । जिसमे केवल और केवल अपने रिश्तेदारों में एक बच्चा गोद  लिया जा सकता था । लेकिन वर्तमान समय में भारत में विदेशो से आई एक नई सभ्यता जिसका नाम सरोगेसी है ,वह तेजी से अपने पाओ भारत में फैलाती जा रही है । और भारत वर्ष को नष्ट करती जा रही है । सरोगेसी  किसी एक महिला और किसी एक दम्पति का एक कानूनी एग्रीमेंट होता है , जिसमे महिला को अथिरक मदद मिल जाती है और दम्पति एक संतान तथा संतुष्टि मिलती है ।

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