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कीगल मुस्कले कौनसी है?

पेल्विक फ्लोर मसल्स जो ब्लैडर, यूटरस और छोटी इंटेस्टाइन को सहारा देती है उन्हें कीगल मसल्स कहा जाता है। कूल्हों के बीच के स्थान को पेल्विक कहते है, यहीं पर रिप्रोडक्टिव पार्ट्स यानी जननांग होते हैं। पेल्विक फ्लोर के कमजोर होने के कई कारण होते है जैसे प्रेग्नेंसी, डिलीवरी, मोटापा, बढ़ती उम्र। पेल्विक फ्लोर की मसल्स यूट्रस, ब्लैडर बोवेल मूवमेंट को सहारा देती है। इन मसल्स के कमजोर होने से पेल्विक फ्लोर नीचे हो जाता है। इससे यूरिन रोकने में दिक्कत होने लगती है, केवल महिलाओं नही बढ़ते उम्र के पुरूषों में यही परेशानी होती है। खासकर जिनका प्रोस्टेट आपरेशन हुआ हो।

मसल्स की खोज

इन मसल्स की खोज सबसे पहले गायनोकोलॉजिस्ट ‘अर्नाल्ड कीगल’ ने 1948 में की थी। उन्होंने वजाइनल डिस्फंक्शन के लिए विशेष प्रकार की कीगल व्यायाम की खोज की जिससे महिला बिना सर्जरी के भी कुछ समस्याओं से छुटकारा पा सकें।

कीगल एक्सरसाइज के लाभ | Benefits of Kegel Exercise for Women in Hindi


  • कीगल एक्सरसाइज से पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़कर पेल्विक मसल्स मजबूत बनती है। इससे इसकी संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
  • इससे यूरिनरी इंकॉन्टिनेंस से मुक्ति मिलती है, यूरिनरी इंकॉन्टिनेंस डिलीवरी के बाद होने वाली एक ऐसी समस्या है जिसमे महिला के ज़ोर से छीकने, खांसने या हंसने पर यूरिन निकल जाता हैं।
  • इस एक्सरसाइज से डिलीवरी के बाद ढीली होने वाली वेजिनल मसल्स टोन हो जाती है, जिससे वो वापस अपने आकार में वापस आ जाती हैं।
  • ऐसा होने से महिला अपनी समभोग लाइफ दोबारा जी पाती है व एन्जॉय कर पाती है।
  • अगर गर्भवती महिला नियम से कीगल एक्सरसाइज करती है तो नॉर्मल डिलीवरी की सम्भावना बढ़ जाती है।


कीगल मसल्स या पेल्विक फ्लोर मसल्स का पता कैसे लगाए? How to Know About Kegel Muscles in Hindi?


  • अपने हाथ अच्छी तरह से धोकर साफ कर ले, अब एक उंगली वेजाइना में डाले।
  • अब वेजाइना की उंगली के आसपास की मसल्स को टाइट करे।जो भी मसल्स उंगली से टच करे वही कीगल मसल्स है।
  • आप इसका टेस्ट भरे ब्लैडर के साथ भी कर सकते है,
  • जब आप यूरिन पास करने जाए तो बीच मे यूरिन को रोक ले, ऐसा करने पर जिन मसल्स पर आपको दबाव महसूस हो वही कीगल अर्थात पेल्विक फ्लोर मसल्स होती है।
  • समभोग के समय आप अपने जीवनसाथी की मदद से भी कीगल मसल्स का पता लगा सकती है।
  • हैंड मिरर का प्रयोग कीजिये, एक हैंड मिरर वेजिना और एनस के बीच में स्किन से ढके क्षेत्र पर रखिए। अब मसल्स को टाइट करे ढीला छोड़े।आप मिरर में इस संकुचन को देख पाएंगी।
  • इसके बाद भी आपको लगे कि कीगल मसल्स आप सही से नही ढूंढ पा रही है या कई महीने करने के बाद भी कोई फर्क नही लग रहा तो डॉक्टर की मदद ले।
  • डॉक्टर द्वारा की गई  बायो मोनिटरिंग के द्वारा ना केवल आप कीगल मसल्स जान पाएंगी बल्कि एक्सरसाइज भी कर पाएंगी।इसमे डॉक्टर आपकी योनि में एक मोनिटरिंग उपकरण रखेगा,फिर आपको मसल्स टाइट करनी, होंगी ढीली छोड़नी होंगी।इससे मॉनिटर पर दिखेगा की आप कितने अच्छे से और कितनी देर तक मसल्स को होल्ड कर पा रही है।दूसरे तरीके में आपकी योनि में बहुत ही हल्की इलेक्ट्रिकल वेव छोड़ी जाएंगी जो आपकी मसल्स को संकुचित करेंगी।इससे आप भली प्रकार कीगल मसल्स से परिचित हो जाएंगी।


कीगल एक्सरसाइज कैसे करें? | How to do Kegel Exercise in Hindi?

क्लासिक और सिंपल
इसके लिए बिस्तर पर लेट जाएं, पेट की मसल्स को ढीला छोड़ दे। पेल्विक मसल्स को सिकोड़े अर्थात टाइट करें, 6 से 8 सेकंड तक रुके और ढीला छोड़ दे। ऐसा रोज़ कुछ मिनट तक करें।

पेल्विक टिल्ट्स
बिस्तर पर पीठ के बल लेट जाए, दोनो हाथों को रिलैक्स कर फैला ले। घुटनों को मोड़े और दोनो घुटनो को सटा ले, अब सांस छोड़ते हुए अपने एब्स को सिकोड़े। इसे 3 से 5 बार करें।

पुल इन कीगल
कूल्हे की मसल्स में तनाव पैदा करे और साथ  साथ पैरो को आगे पीछे करें। 5 सेकंड रोके फिर छोड़ दे, ऐसा कम से कम 10 बार करें।

ब्रिजिंग
पीठ के बल लेटे ,हाथों को फैला ले घुटनों को मोड़ ले।अब हाथों, कंधों और पंजो के सहारे  हिप और कमर को ऊपर उठाएं। पेल्विक मसल्स को टाइट करे, कुछ देर रुके अब मसल्स को ढीला छोड़कर वापस शुरुआत वाली पोजीशन में से जाए।

Dhyaan Dein: करना नही है मुश्किल!


  • कीगल एक्सरसाइज कर लिए आपको अलग से समय निकालने की जरूरत नही।आप कहीं भी डेस्क,चेयर या फिर बिस्तर या फर्श पर इसे कर सकती हैं।
  • एक बार इसमे परफेक्ट होने के बाद आप बिना किसी को पता लगे ऑफिस वर्क करते हुए भी कर सकती हैं।
  • इसमे ज्यादा समय नही लगता तो आप कभी भी चाहे दिन में या शाम को दोपहर को टी वी देखते हुए कर सकती हैं।
  • आप घर के काम करते हुए, यात्रा करते हुए, ऑफिस में काम करते हुए इसे कर सकते है।


इन बातों का रखे खास ध्यान | Precautions while Kegel Exercise for Women in Hindi


  • सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि भरे हुए ब्लैडर के साथ केवल कीगल मसल्स का पता लगाएं। एक बार मसल्स की जानकारी हो जाने पर हमेशा खाली ब्लैडर के साथ ही एक्सरसाइज करें। मतलब जब आपको यूरिन प्रेशर बना हो तब बिल्कुल एक्सरसाइज ना करे। ऐसा करने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  • यूरिन पास करते हुए भी कीगल ना करें।
  • कीगल एक्सरसाइज करते हुए पूरा ध्यान केवल कीगल मसल्स पर रखें।
  • सांस को रोके नही सामान्य तरीके से सांस लेती रहे। कूल्हों या जांघो को संकुचित करने, पेट अंदर खिंचने का प्रयास ना करे।
  • अगर आपको कीगल एक्सरसाइज के दौरान पीठ या पेट मे दर्द महसूस हो तो इसका अर्थ है आप इसे सही से नही कर रही।
  • कीगल एक्सरसाइज का परिणाम बहुत जल्दी नही दिखता इसलिए केवल कुछ दिन करके निराश ना हो कम से कम 4 से 6 हफ्ते तक ये व्यायाम करें।आपको मनचाहा रिजल्ट जरूर मिलेगा।
  • दिन में 3 बार 10 -10 के सेट में करें, पर जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज ना करे अन्यथा मांसपेशियों में ऐंठन व थकान हो सकती है।

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