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कुछ बच्चे जन्म के बाद से ही दूध पीकर उल्टी करना चालू कर देते है, यहां तक कि डकार दिलवाने के बाद भी कुछ दूध जैसी उल्टी करते है कुछ दही जैसा पदार्थ निकालते हैं ।

दूध निकालने का कारण- Reasons Why Children Vomit Out Milk in Hindi
डॉक्टर्स के अनुसार बच्चो का दयेजेस्टिव (digestive) सिस्टम (वाल्व) पूरी तरह विकसित नही होता इसलिए दूध फीडिंग ट्यूब से वापस आ जाता है ।

इस स्थिति को इन्फेंट रिफ्लेक्स या गेस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लेक्स कहा जाता है ।



दूध पीने के दौरान दूध बच्चे की मस्कुलर ट्यूब से होते हुए पेट तक जाता है, इस मस्कुलर ट्यूब को इसोफेगस बोलते है । इसोफेगस और पेट को जोड़ने के लिए एक मस्कुलर रिंग होती है जो दूध पीने पर खुल जाती है, और दूध बन्द करने पर बन्द हो जाती है ।

अगर बच्चा जल्दबाजी में दूध पिए तो कई बार रिंग बन्द नही हो पाती और दूध इसोफेगस में चला जाता है, और शिशु दूध उलट देता है ।

दूध की उल्टी के अन्य कारण- Causes of vomiting in baby in Hindi


  • लेट कर दूध पिलाना
  • डकार ना दिलवाना
  • बच्चे को सर्दी जुखाम या बुखार होने पर भी शिशु दूध गिराते है
  • गैस की समस्या
  • जबर्दस्ती दूध पिलाना,या दो फीड के बीच मे कम गैप रखना
  • पेट पर दबाव पड़ना,
  • बोतल के निप्पल का छेद बड़ा होना, इससे शिशु दूध के साथ हवा भी निगल लेते है और दूध उलट देते है ।
  • शिशु की नींद ना पूरी होना

क्या दूध गिराना हमेशा खतरनाक होता है

नही,अगर बच्चा दूध पीने के थोड़ी देर बाद दही जैसा पदार्थ गिराता है तो माना जाता है कि बच्चे का पाचन तंत्र स्वस्थ्य है,क्योंकि जो दूध गिराया जाता है वो फालतू होता है और उसे गिराने से बच्चे की छाती हल्की हो जाती है, इससे नींद अच्छी आती ।

कब माने की दूध गिराना खतरनाक है- When to Know Spilling Milk is Dangerous for Child in Hindi

अगर शिशु दूध पीते ही दूध वैसे का वैसे ही गिरा देता है और कई बार गिराता है तो ये सही नही है,इसका अर्थ है दूध पेट तक नही पहुँचा इससे बच्चे के वजन और स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है ।
अगर बच्चा हरे पीले या काले रंग की उल्टी करता है तो तुरन्त डॉक्टर को दिखाए ।
अगर दूध के साथ खून आए तो दिखाने में देर ना करें ।
बच्चा बुखार के साथ उल्टी करे ।
उल्टी के साथ बच्चा यूरिन पास करे।
अगर उल्टी के बाद बच्चा सुस्त और परेशान दिखे ।

बच्चे का दूध गिराना कैसे ठीक करे- Navjaat Shishu Ki Ulti Rokne Ki Home Remedies


  • शिशु को हमेशा बैठ कर दूध पिलाए, दूध पिलाते समय सिर के नीचे हाथ या छोटा तकिया रखे जिससे गर्दन का 30 डिग्री का एंगल बने और दूध आसानी से पेट मे जाए ।
  • दूध पिलाने के बाद डकार जरूर दिलवाए, इसके लिए दूध पिलाकर बच्चे को एक हाथ से सीधा पकड़े अपने कंधे पर आराम से लिटाए और हल्के हाथ से कमर को थपकी दे या सहलाए, बच्चा डकार ले लेगा कई बच्चे डकार लेने में 10 से 15 मिनट लगा देते है ।
  • डकार दिलवाने के बाद भी कम से कम 20 मिनट बच्चे को सीधा ही रखे ।
  • सर्दी जुखाम या बुखार होने पर इलाज करवाए,घर पर अजवायन की पोटली से सिकाई,तिल के तेल से मालिश भी कर सकते है ।
  • बच्चे के गैस की समस्या को दूर करे, इसके लिए नाभि पर हींग रख सकते है, साथ ही माँ भी अपने खानपान का पूरा ध्यान रखे कोई भारी चीज़ ना खाएं क्योंकि ब्रैस्ट फीड से बच्चे पर भी असर होता है ।
  • बच्चे को जबरदस्ती और जल्दी जल्दी दूध ना पिलाए,अगर 2 फीड में 1 घण्टे का अंतर रखते है तो उसे 1डेढ़ या 2 घण्टे का कर दे,उल्टी के बाद ये सोचकर कि पेट खाली हो गया है, तुरन्त दूध ना पिलाए ।
  • दूध पीने के बाद बच्चे को पेट के बल ना लिटाए, इससे पेट पर दबाव पड़ता है ।
  • बच्चे का रूटीन बनाए जिससे उसकी नींद पूरी हो सके,उसे हल्के हाथों से मालिश करे जिससे नींद अच्छी आए ।
  • अगर बच्चा बोतल से दूध पिता है तो निप्पल का छेद ज्यादा बड़ा ना हो इस बात का ध्यान रखे,1 साल की उम्र तक माँ का दूध ना दे सके तो केवल अच्छी कम्पनी का पाउडर मिल्क दे गाय या भैंस का नही ।
  • दूध पिलाते समय माँ क्रोध में या दुखी ना हो क्योंकि मानसिक स्थिति से स्त्रावित होने वाले हॉरमोन भी असर डालते है ।
  • दूध पिलाने से पहले माँ एक गिलास पानी पी ले ।

क्या उल्टी को रोकना चाहिए- Should You Stop Child While He Vomits?

नही,उल्टी को कभी नही रोकना चाहिए इससे बच्चे को छाती में घुटन हो सकती है और दूध बच्चे की स्वास नली में भी जा सकता है जिससे उसको  तकलीफ  हो सकती है।





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