Adsense


 

--डिजिटल आणि सूक्ष्म श्रावण यंत्रांसाठी विश्वसनीय ठिकाण म्हणजे 'व्हिआर हीअरिंग'.. अधिक माहितीसाठी संपर्क :- 9657 588 677 @ www.vrhearingclinic.in




बच्चों के कान में खुजली (किड्स इची ईयर) – जानिए सामान्य कारण और उपचार


यदि बच्चे अनायास ही अपने कान रगड़ते है, खींचने या कुरेदने के साथ रो भी रहे है। तो यह इस बात का लक्षण है की बच्चों के कान में खुजली (kan me khujli) हो रही है। चूँकि छोटे बच्चे बहुत ही नाजुक और विकासशील अवस्था में होते है। उनके नन्हे से शरीर में कई नए बदलाव निरंतर हो रहे होते है। ऐसे में कई सामान्य वजह (wajah) से भी वह अपने कान को पकड़ते, मरोड़ते और खींचते है।

इस लेख में जानिए की छोटे बच्चों के (chote bachchon ke) कान में  खुजली क्यों होती है (kyon hoti hai)? इस हिंदी लेख में।


बच्चे कान क्यों खुजलाते है?
कभी-कभी आप देखते है की आपके 5 वर्ष या उससे छोटे उम्र के बच्चे अचानक ही अपने कान को पकड़ कर रोने (rone) लगते है। या फिर उन्हें खींचते है। नन्हे बच्चों का इस प्रकार अपने कानों को रगड़ना (ragarna) या कुरेदना (kuredna) उनके कान में हो रही खुजली का संकेत हो सकते है। हालाँकि कई अन्य कारणों से भी बच्चे अपने कान को छूते है। यह कभी कभी साधारण सी बात हो सकती है। पर कुछ मामलों में यह आपके नन्हे-मुन्हों को होने वाली किसी तकलीफ या दर्द का प्रकरण (समस्या) भी बन सकती है।

बच्चो के कान में खुजली के लक्षण
नन्हे बच्चों द्वारा अपने कानों से खिलवाड़ करना वैसे तो आम बात है। पर यदि ऐसा करते समय आपके बच्चे के हाव भाव सामान्य नहीं है, तो फिर यह एक चिंता का विषय भी हो सकती हैं। बच्चे (bachche) अगर बोल सकते है तब भी अपने कान में हुई किसी अचानक हरकत जैसे खुजली या कान का दर्द (dard) आदि को वह समझ नहीं पाते है। इसके कुछ सामान्य लक्षण (lakshan) बच्चों द्वारा प्रदर्शित किये जाते है जिन्हे आपको समझना चाहिए, इनके अंतर्गत –


  • कान को बार-बार पकड़ना
  • कान में ऊँगली डालने की कोशिश
  • कान को खींचना, मरोड़ना
  • साथ ही रोना या सिसकारना
  • बच्चे के हाव-भाव गंभीर होना
  • कान कुरेदने की कोशिश
  • बच्चो के कान में खुजली का कारण

यह समस्या बच्चों में कई प्रकार की स्थितियों को दर्शाती है। ऐसा भी हो सकता है की आपका बच्चा कान में खुजली (इचिंग) से परेशान न होकर किसी अन्य शारीरिक समस्या (samasya) से परेशान हो। क्योंकि कभी कभी बच्चे ऐसा करने समय रोते नहीं है। तो चलिए बच्चों में इस व्यवहार के पीछे छुपे कुछ संभावित कारकों (karan) के बारे में आपको जानकारी देते है, यह निम्न वजहों से भी हो सकता है –




  • कभी-कभी आदत के कारण
  • कान में मैल भरने से
  • बच्चों के कान में संक्रमण
  • बच्चों के कान साफ़ न होने से
  • पहली बार कान महसूस करना
  • कान में साबुन का पानी जाने से
  • बच्चों के नए दांत निकलने से
  • बच्चों में साइनस का संक्रमण 
  • कान की नलिका में खुजली
  • कान में तरल बनाने से
  • सामान्य सर्दी-जुकाम से
  • आमतौर पर रोते समय भी



सावधानियां व रोकथाम
यह सभी लक्षण (lakshan) और कारण समझना आपकी जिमेदारी है। क्योंकि बच्चे अपनी समस्या खुद आपको नहीं बता सकते है। और कभी कभी उम्र में बड़े बच्चे भी समस्या को सही प्रकार से नहीं समझ सकते है। और दर्द या तकलीफ (takleef) से बस रोने लगते है। ऐसे में आपको बच्चों के कान से जुडी समस्याओं को होने से रोकने के लिए बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण बातों का ज्ञान होना अति आवश्यक है क्योंकि आपके छोटे शिशु आप की ही जिम्मेदारी है, इसलिए –



  • नहलाते समय कान में पानी न डालें
  • बच्चे के कान को सूखा व साफ रखें
  • बच्चे को कान में कोई वस्तु न डालने दें
  • बच्चों के कान नियमित रूप से साफ करें
  • बच्चे के कान में पानी (pani) जाने से बचाएं
  • कान में साबुन, शैम्पू का झाग न जाने दें
  • जुकाम-बुखार का उचित इलाज करवायें
  • बच्चों के कान से पसीना साफ़ करें
  • कान की खुजली का उपचार

बच्चों के कान (kaan) से जुडी समस्या जैसे खुजली और दर्द आदि के लिए आपको सही उपचार पता होना चाहिए। क्योंकि हर उपचार बच्चों पर नहीं आजमाया जा सकता है। क्योंकि बच्चों के कान किसी व्यस्क व्यक्ति की तुलना में बहुत अधिक नाजुक और संवेदनशील होते है।  इसलिए किसी भी उपचार (upchaar) को करने से पहले यह जरूर जांच लें की यह उपचार बच्चों पर करने के लायक है भी या नहीं? ऐसे ह कुछ उपाय (upaay) निम्नलिखित है –

1. जैतून का तेल
छोटे बच्चों के कान की खुजली मिटने और उन्हें साफ रखने के लिए ओलिव ऑइल बहुत उपयोगी है। यह कुछ बूँद कान में डाल दें फिर कुछ देर बाद कान को मुलायम कपडे साफ कर दें, खुजली कम हो जाएगी।

2. मसूड़ों की मालिश
हो सकता है आपका बच्चा अपने नए दांत आने के वजह से खुजली से परेशान हो। इसके लिए उसके मसूड़ों पर बहुत हल्के से मालिश करें उसे आराम मिलेगा।


3. हुमिडिफायर
अगर बच्चा सर्दी-जुकाम के वजह से कान की खुजली से परेशां है तो अपने घर में बच्चे के पास एक नमीकारक यंत्र (Humidifier) रखे। साथ ही उसे गर्म भाप भी दें, बच्ची को रहत मिलेगी।

4. गर्म सिकाई
यदि बच्चे के कान में पानी चला गया है या फिर वो खुजली के साथ दर्द से भी परेशान है तो फिर आप एक कपडे को हल्का गर्म क्र के उसके कान के अस पास सिकाई (वर्म कम्प्रेस) कर सकती है।



निष्कर्ष व परिणाम
घर में छोटे बच्चे का होना अपने आप में एक मनोरंजन का बेजोड़ साधन है। यह अपनी छोटी-छोटी हरकतों और बदमाशियों से आपको अच्छे मूड (mood) में रखते है। पर यदि उन्हें कोई तकलीफ हो जाती है तो फिर ऐसे में आपकी सभी खुशियों पर जैसे कोई नजर लग जाती है। इसलिए अपने बच्चे की किसी भी समस्या को कभी हल्के में न लें और शरीर या कान से सम्बंधित बिमारी (bimari) होने पर उसका उचित इलाज (ilaaj) करवाएं जिससे आपके जिगर के टुकड़े आपके बच्चे बेहतर सुने  व स्वस्थ रहें।



टिप्पणी पोस्ट करा

Previous Post Next Post