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कैंसर क्या है? |What is Cancer in Hindi?

कैंसर ब्लड सेल्स ग्रुप( शरीर की कोशिकाओं) की एब्नॉर्मल(आसामान्य) और डिसऑर्डरड(अव्यवस्थित) वृद्धि है। ये कैंसर सेल्स ब्लड और लसिका सिस्टम के माध्यम से दूसरे अंगों में फैल जाती है। 100 से भी ज्यादा प्रकार के कैंसर होते है, ज्यादातर के नाम उससे प्रभावित अंगों के नाम पर होते है।  जैसे स्किन की बेसल सेल्स में होने वाले कैंसर को बेसल सेल कार्सिनोमा कहते है।

कैंसर के बारे में कुछ तथ्य | Facts About Cancer in Hindi

-कैंसर कोई इन्फेक्शन नही होता लेकिन किसी इन्फेक्शन का बहुत समय तक रहना कैंसर का कारण बन सकता है, जैसे एच.पी. वी. का लम्बे समय तक रहना गर्भाशय का कैंसर कर सकता है। हेपेटाइटिस बी और सी से लिवर कैंसर हो सकता  है।

  1. कैंसर कमजोर या स्वस्थ्य व्यक्ति को देखकर नही होता लेकिन कमजोर इम्युनिटी वाले लोग(जैसे एच आई वी से पीड़ित) लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है।
  2. चोट लगने की वजह से कभी कोई कैंसर नही हो सकता।
  3. तनाव या अवसाद से कैंसर नहीं होता लेकिन स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ने से इम्युनिटी कम हो सकती है।
  4. मुँह, गला, फेफड़ा, स्किन, आमाशय, लिवर, ब्रेन, यूरिनरी ब्लैडर, के कैंसर महिलाओ से ज्यादा पुरुषों में पाए जाते है।
  5. पुरुषों में मुँह , गला, फेफड़े, भोजन नली और प्रोस्टेट
  6. महिलाओ में स्तन, मुँह, गला, बच्चेदानी का मुंह(सर्वाइकल कैंसर), ओवरी
  7. शुरुआत के लक्षणों को देखकर कैंसर का पता नहीं लगता, शुरुआत में कोई दर्द नही होता पर कैंसर फैलने पर दर्द प्रारम्भ होता है।
  8. नियमित जाँच ही एक तरीका है।
  9. मल मूत्र के साथ रक्त आना हमेशा कैंसर की वजह से नही होता
  10. इसी प्रकार स्तन की हर गांठ कैंसर नही होती।
  11. कैंसर छूत की बीमारी नही है।
  12. वंशानुगत कैंसर केवल 5 से 10 प्रतिशत ही देखने को मिलता है।
  13. कैंसर लाइलाज नही है, शुरू में पता  लगने पर बेहतर इलाज के द्वारा जीवन दर सुधारी जा सकती है।

कैंसर कितने प्रकार का होता है :

कैंसर 5 प्रकार का होता है:
  • कार्सिनोमास्किन में होने वाला या उन टिश्यू में होने वाला जो इटर्नल पार्ट्स को कवर करते हैं अर्थात उनकी लेयरिंग करते है।0,
  • ल्युकिमियाये कैंसर ब्लड सेल्स बनाने वाली बोन मेरो टिश्यू में होता है और एब्नार्मल ब्लड सेल्स का भारी मात्रा में उत्पादन होता है।
  • सार्कोमाऐसा कैन्सर जो कार्टिलेज, फैट, मसल्स, कनेक्टिव टिश्यू, और ब्लड वेसल्स में होता है।
  • लिंफोमा और मायलोमाऐसा कैंसर जो इम्यून सिस्टम की सेल्स पर हमला करता हूं।
  • सेंट्रल नर्वस सिस्टमये कैंसर ब्रेन या रीढ़ की हड्डी के टिश्यू में अपनी घुसपैठ करते है।

कैंसर कैसे फैलता है? | How is Cancer Spread in Hindi?

कैंसर तीन तरीको से फैलता है
  1. कैंसर सेल्स डायरेक्ट नजदिकी टिश्यू को टारगेट करती है।
  2. कैंसर सेल्स लिम्फेटिक फलो में एंट्री करके लिम्फ नोड्स तक पहुँच जाती है।
  3. अन्य भागों तक ब्लड फ्लो के जरिये फैलता है।
हमारे शरीर की बेसिक यूनिट होती है सेल्स, ये सेल शरीर की ग्रोथ के लिए लगातार विभाजित हो वृद्धि करती रहती है। पुरानी और डैमेजड सेल्स नष्ट हो जाती है और नई बनती जाती है। लेकिन जब किसी सेल के डी एन ए में कुछ कमी आ जाती है तो  नई सेल्स असामान्य रूप से बढ़ती जाती है लेकिन पुरानी सेल्स नष्ट नही होती। इससे ये एक्स्ट्रा सेल्स इक्कठी होकर ट्यूमर का रूप ले लेती हूं।

सभी ट्यूमर कैंसर नही होते, ये दो प्रकार के होते है।

  • बिनाइन या सौम्य ट्यूमरइन्हें कैंसर नही मानते, इन्हें आसानी से हटाया जा सकता है, ये दूसरे अंगों में नही फैलते
  • मैलिग्नेंट या घातक ट्यूमरये कैंसर वाले ट्यूमर होते है, शरीर के अन्य टिश्यू पर हमला कर फैल जाते है।
  • ल्युकीमियाये बोन मेरो या ब्लड का कैंसर होता है, इसमे कोई ट्यूमर नही होता।

कैंसर के सम्भावित कारण | Possible Reasons For Cancer in Hindi

  1. .धूम्रपान  करने से मुँह, गले, लंग्स, यूरिनरी ब्लैडर तथा पेट का कैंसर हो सकता है।
  2. .शराब के सेवन से रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट तथा तालु का कैंसर हो सकता है।
  3. .मुँह, जीभ, खाने की नली, पेट, गले, पैंक्रियाज, और लिवर का कैंसर हो सकता है।
  4. .स्मोक्ड, कम फाइबर वाला, तला भुना तथा नमक लगाकर खाने से लार्ज इंटेस्टाइन का कैंसर होता है।
  5. .कुछ केमिकल और दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट से पेट, यूरिनरी ब्लैडर तथा लिवर का कैन्सर होता है।
  6. .अप्राकृतिक अर्थात कम उम्र में या एक से ज्यादा पाटर्नर से समभोग सम्बंध रखने से बच्चेदानी के मुँह का कैंसर होता है।

कैंसर के लक्षण | Symptoms of Cancer in Hindi

  1. .शरीर के किसी भाग में गांठ बनना जैसे स्तन में।
  2. .आवाज बैठना या लगातार खांसी रहना।
  3. .शरीर के पहले तिलों के रंग या आकार में परिवर्तन या नए तिल बनना।
  4. .मल मूत्र की आदतों में परिवर्तन
  5. .खाना खाने के बाद दिक्कत महसूस करना।
  6. .सॉलिड, लिक्विड कुछ भी निगलने में कठिनाई होना।
  7. .बिना किसी कारण वजन कम या ज्यादा होना।
  8. .,हर समय थकावट महसूस करना।
  9. .एब्नार्मल स्पॉटिंग या डिस्चार्ज।
  10.  .किसी घाव का जल्दी ना भरना।

रक्त कैंसर के लक्षण | Blood Cancer Symptoms in Hindi

  1. .अत्यधिक खून बहना
  2. .खून की कमी
  3. .थकान व कमजोरी
  4. .मसूड़ों में सूजन और खून आना
  5. .बढ़ा हुआ लिवर और स्प्लीन
  6. .जोड़ो में दर्द
  7. .टॉन्सिल्स

स्तन कैंसर के लक्षण | Breast Cancer Symptoms in Hindi

  1. .निप्पल से स्त्राव
  2. .निप्पल में सूजन और दर्द
  3. .स्तनों का बढ़ना, सिकुड़ना या सख्त होना
  4. .पीठ में दर्द

कैंसर से बचाव व रोकथाम | Prevention of Cancer in Hindi

  • .मोटापा ना बढ़ने दे
  • .कीटनाशक और रसायनिक खाद के कारण भोज्य पदार्थों को भली प्रकार धोकर खाए।
  • .साफ सफाई रखे, प्रदूषण ना फैलाए ना फैलाने दे।
  • .नियमित व्यायाम करें।
  • .मिनरल, विटामिन व फाइबर से भरपूर भोजन करें।
  • .तनाव बिल्कुल ना ले, मैडिटेशन करे, खुश रहे।
  • .अधिक तला हुआ, बार बार इस्तेमाल किया तेल, पैकेजिंग वाले भोज्य पदार्थ, ज्यादा नमक ना खाएं।
  • .धूम्रपान, सुपारी, तम्बाकू, पान, बीड़ी, सिगरट व शराब का सेवन ना करे।
  • .नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाए।

यदि शुरुआत में कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो कैंसर का पता जल्दी लगाया जा सकता है।
इससे इलाज में देर नही होगी और जीवन दर बढ़ेगी।
  • .स्तन में किसी भी तरह का कोई स्त्राव या गांठ दिखे तो स्वयं जांच करे व डॉक्टर को भी दिखाए
  •  .अगर माहवारी के बीच मे रक्तस्राव या स्पॉटिंग हो तो नजरअंदाज ना करे।
  • .कोई घाव जो ठीक ना हो रहा हो।
  • .शरीर मे किसी भी तरह का असामान्य परिवर्तन जो ठीक ना हो रहा हो।

कैंसर का जाँच व इलाज़ | Treatment and Diagnosis of Cancer in Hindi

लैब टेस्टिंग | Lab Test

इसमे ब्लड, यूरिन, या दूसरे लिक्विड पदार्थों का सैम्पल लेकर जाँच की जाती है। इन्हें ट्यूमर मार्कर कहते है।

इमेजिंग टेस्ट | Imaging Test

इमेजिंग मतलव शरीर के अंदुरनी भागो की तस्वीर लेना, ये कई तरीकों से ली जाती है।

एक्स-रे | X-Ray

ये सबसे आम तरीका है जिससे हड्डियों और अंदरूनी अंगों की तस्वीर ली जाती है। इसके अलावा सी टी स्कैन, रेडियोन्यूक्लिएड स्कैन, एम आर आई,  अल्ट्रासाउंड, पीइटी स्कैन

कैंसर के उपचार के साधन | Ways to Combat Cancer in Hindi

1- सर्जरी

सर्जरी अर्थात शल्य चिकित्सा में प्रभावित भाग को सर्जरी के द्वारा निकाल दिया जाता है। हर प्रकार के कैंसर का इलाज सर्जरी से सम्भव नही, काफी केसेस में रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी का  प्रयोग सर्जरी के साथ किया जाता है।

2-कीमोथेरेपी


कैंसर के इलाज में कुछ मुख्य दवाइयों तथा रसायनों का प्रयोग किया जाता है, इसे किमोथेरेपी कहते है। ये दवाएं एब्नॉर्मल तरीको से विभाजित होती सेल्स को नष्ट कर देती है। साथ ही ये कुछ स्वस्थ कोशिकाओं को भी नष्ट कर देती है।

3-रेडियोथेरेपी

इसे विकिरण थेरेपी या बिजली की सिंकाई भी कहते है, इसमे हाई एनर्जी रेज़ प्रभावित अंगों पर डाली जाती है  जिससे कैंसर सेल्स नष्ट होती है। डॉक्टर्स कोशिश करते है स्वस्थ्य टिश्यू नष्ट ना हो पर फिर उनपर थोड़ा बहुत असर पड़ता है।

4-हॉर्मोन थेरेपी

यह थेरेपी स्तन कैंसर, एंडोमेट्रियल कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर में उपयोग की जाती है। इसमे कुछ हॉर्मोन पीड़ित व्यक्ति को दिए जाते हैं जैसे स्तन कैंसर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन। ये ट्यूमर के विकास दर को कम करते है।
इसके अलावा इम्यूनोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी व ट्रांप्लांटेशन थेरेपी का उपयोग किया जाता है, कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी से बाल झड़ना अस्थायी होता है और बाल 6 से 12 महीने में वापस आ जाते है।

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